एलएचबी कोच क्या है? | जानिए एलएचबी कोच की पूरी जानकारी 

 एलएचबी कोच (LHB COACH) भारतीय रेलवे में आधुनिक तकनीक से डिजाइन किया गया लाइटवेट ट्रेन है। यह स्विट्जरलैंड के स्लिरियन कंपनी के डिजाइन पर आधारित पुरानी और पारंपरिक आईसीएफ कोच की आधुनिकतम रूप है। इस कोच को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जो अत्याधुनिक तकनीक से परिपूर्ण है।

 एलएचबी का फुल फॉर्म (Full form of LHB) 

L. Linke (लिंक)

H. Hofmann (हुफमैन)

B. Busch (बुसच)

 एलएचबी कोच का इतिहास

 सबसे पहले इसे जर्मनी के अलॉटम कंपनी के अंतर्गत  लिंक होफमैन बूसच द्वारा डिजाइन किया गया था। यह स्विट्जरलैंड के पुरानी आईसीएफ कोच के मॉडल पर बनाया गया आधुनिक कोच है।

 एलएचबी कोच की आवश्यकता क्यों पड़ी 

 इससे पहले भारतीय रेलवे में आईसीएफ कोच चला करते थे। इसके पुर्जे जल्दी खराब हो जाते थे। जिसके कारण कोच के मेंटेनेंस में रेलवे को बहुत ज्यादा खर्च का वाहन करना पड़ता था।

यह कोच यात्रियों के यात्रा के हिसाब से ज्यादा कंफर्टेबल नहीं था। चलते समय इस कोच में ज्यादा झटके महसूस होते थे और आवाज भी बहुत ज्यादा आते थे।

इस कोच में यात्रियों को एलएचबी कोच के मुकाबले ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 

 एलएचबी कोच में इन सभी परेशानियों को खत्म करने का प्रयास किया गया। रनिंग के समय इसमें आवाज कम होते हैं और कम झटके महसूस होते हैं।

 एलएचबी कोच की टेक्निकल जानकारी 

लंबाई 23,540 मी. मी.
चौड़ाई 3,240 मी. मी.
ऊंचाई4,039 मी. मी.
अधिकतम स्पीड 160 किमी./ घंटा 
lhb coach technical data

 एलएचबी कोच की मुख्य विशेषताएं

 एलएचबी कोच के निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

  •  कोच बॉडी की बनावट 

 एलएचबी कोच की बॉडी Coercive stainless-steel से बना होता है तथा यह परंपरागत आईसीएफ कोच से भार में लगभग 10% हल्का होता है। यह कोच पूरी तरह से ऐसी से युक्त होता है।

इसमें यात्रियों के खाने के लिए कोच के प्रत्येक केबिन में स्नेक टेबल, पढ़ाई के लिए रीडिंग लाइट, सामान रखने के लिए लैगेज रैक तथा गर्म खाना और ठंडे पानी के लिए अलग से पैंट्री कार (रसोई यान) का व्यवस्था किया गया है।

 कोच की सुंदरता बढ़ाने के लिए तथा बाहर का दृश्य देखने के लिए शील्ड विंडो ग्लास से लैस बड़े-बड़े खिड़कियां लगाए गए हैं, इससे गाड़ी की सुंदरता और निखर जाती है और यात्रियों के लिए यात्रा करने में मनोरम अनुभव दिलाता है।

इसमें आपातकाल में बाहर निकलने के लिए चार आपातकालीन खिड़कियां लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटना या आग लगने के स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर यात्री बाहर निकल सके और अपना बचाव कर सकें।

  •  कार बॉडी शैल

 यह काम भार वाली stainless-steel तथा कम कोरिसीव स्टील से बनी होती है। इसकी अंडरफ्रेम को बनाने के लिए IRSM-41 धातु उपयोग किए जाते हैं।

 इसके दीवारें पैनल फेरिटिक stainless-steel तथा इसके रुफ ऑस्टेनिटिक stainless-steel के द्वारा बनाया गया है।

  •  इंसुलेशन सिस्टम

 इसको जंग लगने से बचाव के लिए कार बॉडी शैल के भीतरी सतह पर साउंड इंसुलेशन लगाए गए हैं। इसके फर्स और साइड वालों में इंसुलेटिंग मेट लगाया गया है, जो इसे गर्मी से बचाता है। इसके बॉडी में अत्याधिक ध्वनि उत्पन्न होने से बचाव के लिए रेजोनाफ्लेक्स तथा बैरीस्किन V60 और इलास्टोमेरिक रबड़ धातु लगाए गए हैं।

  •  शिल्ड विंडो ग्लास यूनिट 

 एलएचबी कोच में मूलता तीन प्रकार के विंडोज ( खिड़कियां) लगे होते हैं।

  1.  फिक्सड विंडो ग्लास यूनिट :- प्रत्येक कोच में 12 फिक्स्ड विंडो ग्लास लगे होते हैं, इसकी  बाहरी लैमिनेटेड ग्लास की मोटाई 8.4 मी. मी. तथा भीतरी टाइम पर किया हुआ सेफ्टी ग्लास की मोटाई 4 मी. मी. होती है। इसके दोनों ग्लासों के मध्य में 6 मी. मी. गैप बना होता है जो क्रिप्टन या आर्गन गैस से भरी होती है। इस ग्लास को रबड़ प्रोफाइल के साथ एलमुनियम फ्रेम द्वारा फिट किया जाता है। ग्लास को लगाते समय एलमुनियम फ्रेम कोच शैल के साथ चिपक जाता है।
  2.  इमरजेंसी विंडो :- यह भी देखने में फिक्स्ड विंडो की तरह ही होती है। प्रत्येक कोच में 4 इमरजेंसी विंडोज (आपातकालीन खिड़कियां) लगे होते हैं। यह खिड़कियां रेल में आग लगने या दुर्घटना के समय या किसी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को बाहर निकलने के लिए होते हैं। इसे खोलने के लिए ग्लास यूनिट के साथ लगे रबड़ प्रोफाइल में हैंडल लगे होते हैं तथा खोलते समय ग्लास यूनिट को टूटने से बचाने के लिए एक चैन भी लगा दिया जाता है, जो ग्लास यूनिट को नीचे नहीं गिरने देता है और क्लास टूटने से बच जाते हैं।
  3.  हॉपर टाइप विंडो ग्लास यूनिट :-  यह प्रत्येक कोच लैवेटरी में लगे रहते हैं। इनकी संख्या 3 होते हैं।
  •  रोलर ब्लाइंड 

 यह एक प्रकार का पर्दे जैसा होता है जिसको पर्दे के बदले लगाया जाता है। यह एसी चेयर कार के खिड़कियों में कोच के अंदर लगे होते हैं। यह फैब्रिक का बना होता है, जिसके लगा देने से बाहर से धूप कोच के अंदर नहीं आती है। यह मैनुअली ऑपरेटेड होता है, जिसे यात्री अपने आवश्यकतानुसार 3 पोजीशन में सेट कर सकते हैं।

 इनके पोजीशन इस प्रकार सेट होते हैं :

 Full open (पूरी खोलना), half  open ( आधी खोलना) तथा fully closed (पूरी बंद)। बंद अवस्था में यह रोल शेप में होता है, जैसे हाथ से खींच कर अपने आवश्यकतानुसार पोजीशन सेट किया जाता है। यह काम कोई भी यात्री बहुत ही आसानी से कर सकते हैं।

  •  लैगेज रैक

 लैगेज रैक को यात्रियों का लगेज रखने के लिए बनाया गया है। इसमें यात्री अपना सामान बैग वगैरा रख सकते हैं। इसका अग्रभाग एलमुनियम प्रोफाइल का तथा साइड वाला भाग एलमुनियम कास्टिंग का बने होते हैं।

 इसमें सेफ्टी ग्लास पेन लगे रहते हैं, जो लैगेज रैक को पूर्णता बंद करते हैं। इसके साथ इंटीग्रेटेड अवस्था में रेटिंग लैंप लगे रहते हैं। यह सिर्फ कुर्सी यान में लगे होते हैं।

  •  एलएचबी कोच में लाइटिंग 

 इसमें लाइटिंग के लिए फ्लोरोसेंट ट्यूब का प्रयोग किया गया है। यह खास करके टॉयलेट और पैंट्री कार में लगाए गए हैं। यह 110 वोल्ट AC और DC दोनों पर काम कर सकता है।

  •  फिएट बोगी

 फिएट बोगी यूरोफिमा डिजाइन पर आधारित एक प्रकार का वेल्डेड बॉक्स फ्रेम के डिजाइन पर बनाया गया है। यह Y सेप का H प्रकार का डिजाइन है। इसका व्हीलबेस 2560 मी. मी. होता है। नए व्हील का डायमीटर 915 मी. मी. तथा कंडम व्हील का डायमीटर 855 मी. मी. होता है। इसमें रबड़ तथा स्प्रिंग सस्पेंशन का प्रयोग किया गया है।

  •  डैम्पर

 प्रत्येक फिएट बोगी में 4 प्राइमरी वर्टिकल डैम्पर, 2 सेकेंडरी वर्टिकल डंपर, 1 सेकेंडरी लेटरल डंपर तथा 2 यॉ डंपर लगे होते हैं। ये डंपर हाइड्रोलिक शॉक ऑब्जर्वर के ट्रैक की अनियमितताओं के कारण उत्पन्न होने वाले झटके को कम करने के लिए लगाया जाता है।

  •  एक्सेल बेयरिंग

 प्रत्येक एलएचबी बोगी में CTRB (Cartridge Taper Roller Bearing) कार्टरीज टेपर रोलर बेयरिंग का प्रयोग किया गया है। इसमें प्रत्येक बोगी में एक्सेल बेयरिंग, स्पीड सेंसर, कथा करंट रिटर्न भी फिट किए गए हैं।

  •  एंटी रोल बार

 कोच की रोलिंग फोर्स को एडजेस्ट करने के लिए, कोच के प्रत्येक बोगी में एंटी रोल बारलगाया गया है।

  •  रॉकिंग डिवाइस

 कोच बोगी तथा बॉडी के मध्य में एक ट्रैक्शन सेंटर लगाया गया है। यह बॉडी के लोड को सेंटर में रखने का प्रयास करता है।

  •  सेंटर बफर कपलर डिवाइस (CBC Device)

 एलएचबी कोच में स्क्रू कपलिंग के स्थान पर टाइट लॉक सेंटर बफर कपलर का प्रयोग किया गया है। इसके उपयोग करने से ट्रेन पार्टिंग की खतरा नहीं रहते हैं।

  •  लैवेटरी

 एलएचबी कोच में कंट्रोल डिस्चार्ज ओरिएंटल (CDTS) प्रकार के टॉयलेट का प्रयोग किया गया है। इसके प्रयोग से परंपरागत टॉयलेट जैसा रेलवे ट्रैक पर गंदगी नहीं फैलती है। इससे रेलवे स्टेशन तथा ट्रैक सांप  रहता है।

  •  ब्रेकिंग सिस्टम

 सभी एलएचबी कोचेस में एयर ब्रेक सिस्टम लगाया गया है। इसके उपयोग से, ट्रेन में ब्रेकिंग सिस्टम से होने वाले त्रुटियों को काफी हद तक सुधारा जा सका है। इसमें डिस ब्रेक सिस्टम का उपयोग किया गया है।

  •  एयर कंडीशनिंग सिस्टम

 सभी एलएचबी कोचों के दोनों सिरों पर एक-एक रुफ माउंटेड एयर कंडीशनिंग यूनिट लगाया गया है। दोनों यूनिट के स्विच बोर्ड कैबिनेट में लगे माइक्रो प्रोसेसर द्वारा कंट्रोल किए जाते हैं, ताकि दोनों यूनिटों को एक साथ ऑपरेट किया जा सके।

  •  एलएचबी कोच के दरवाजे

 इसके प्रवेश द्वार के दरवाजे उसे स्टील के बने होते हैं, जैसे कि एक कार बॉडी सेल बना होता है। कोच के अंदर प्रवेश के लिए दरवाजे के बाहर 2 हैंड होल्ड तथा तीन फिक्स्ड स्टेप लगाया गया है। अंदर के तरफ दरवाजे के ऊपर एक प्रवेश लाइट लगाया गया है, ताकि यात्रियों को रात्रि के समय में चढ़ने और उतरने में आसानी हो।

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